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मिजोरम विधान सभा चुनाव 2018



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मिजोरम विधान सभा चुनाव 2018



आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मिजोरम में अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। दिल्ली में भाजपा की सीईसी की बैठक के बाद वरिष्ठ नेता और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आगामी पांच राज्यों में से तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों के उम्मीदवारों की घोषणा की है। इसी कड़ी में उन्होंने मिजोरम विधानसभा चुनाव में अपने 13 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची सार्वजनिक की है।

मिजोरम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र व उम्मीदवारों की सूची



क्रमांक संख्याविधानसभा संख्याविधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का नामउम्मीदवार का नाम
13ममित (एसटी)मलस्वतलाउंगा
26सेरलीई (एसटी)वानलाल हमुआका
39तवी (एसटी)जे.वी. हलुना
410अइजोल उत्तर, प्रथम (एसटी)डेविड एल साईलो
513अइजोल पूर्व, प्रथम लालधिन लुनियाना साईलो
614अइजोल पूर्व, द्वितीय (एसटी)सी.मलसामी
715अइजोल पश्चिम, प्रथम (एसटी) मालसवमलियाना
816अइजोल पश्चिम द्वितीय(एसटी)एल.आर कोलनी
923चम्फाई उत्तर (एसटी)ह्रंगसत्कीमा
1024चम्फाई पूर्व (एसटी)रोंघाका कोलनी
1131चम्फाई पूर्व (एसटी)एच. ललरुआता
1233लुंगलेई दक्षिण (एसटी)डॉ. ऐछुंगा
1338लुंगलेई पूर्व (एसटी)वनुपा जथंग

मिजोरम लोकसभा चुनाव सारांश 2014

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने लोकसभा चुनाव 2014 में मिजोरम राज्य से एकमात्र सीट जीती थी। 1987 में मिजोरम को एक राज्य घोषित किया गया था और उस समय इसे केवल एक निर्वाचन क्षेत्र द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया था। वर्तमान समय में, राज्य की सत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी है और लाल थनहवला राज्य के मुख्यमंत्री हैं। राजनीतिक दलों के गठन ने राज्य के मतदान अभियानों के दौरान मुद्दों को उठाया है। भाजपा ने राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के मुद्दें को उठाया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों पर जोर दिया। जनमत सर्वेक्षणों ने सुझाव दिया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस राज्य में अपनी मजबूत पकड़ को जारी रखने की उम्मीद है।

उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्य मिजोरम भारत के सबसे छोटे और नवीनतम राज्यों में से एक है। यह बांग्लादेश और बर्मा के साथ एक अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है। मिजोरम पहले असम का हिस्सा था और 1987 में एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित किया गया था। यह भारत का 23 वां राज्य था। मिजोरम के प्रमुख राजनीतिक दलों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, मिजो नेशनल फ्रंट और कई अन्य हैं जैसे कि मारालैंड डेमोक्रेटिक फ्रंट, जोरम नेशनलिस्ट पार्टी और मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस।

मिजोरम के चुनावों के बारे में

उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्य मिजोरम, बांग्लादेश और बर्मा के साथ एक अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है और यह देश के सबसे छोटे और नवीनतम राज्यों में से एक है। मिजोरम मूल रूप से असम का हिस्सा था जो 1972 के उत्तर पूर्व पुनर्गठन अधिनियम के बाद 1972 में एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया। चुनाव संसद में केंद्र शासित प्रदेश की सीटों पर आयोजित चुनाव के पहले प्रतिनिधि मिजो संघ पार्टी के पु संगिलियाना थे।

1961 में, श्री लालडेंगा के तहत मिजो नेशनल फ्रंट का गठन किया गया था। पार्टी के अलगाववादी एजेंडे के कारण इसको को 1967 में अवैध घोषित कर दिया गया था। हालांकि, 1986 में भारत सरकार ने मिजो नेशनल फ्रंट के साथ एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और 20 फरवरी 1987 को मिजोरम राज्य अस्तित्व में आया। यह भारत का 23 वां राज्य बन गया। पहली राज्य विधानसभा 1987 में 40 निर्वाचित सदस्यों के साथ गठित की गई थी।

राज्य विधायी विधानसभा में केवल एक सदन के साथ मिजोरम में एक सदनीय राज्य विधायिका है। विधानसभा मिजोरम राज्य की राजधानी आइजोल में सदन के विभिन्न सत्र आयोजित करती है। राज्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या 40 है। राज्य विधायी विधानसभा के 40 सदस्य हर पांच साल में निर्वाचित किए जाते हैं।

मिजोरम राज्य के भीतर इन क्षेत्रों के लिए जमीनी स्तर पर स्थानीय शासन सुनिश्चित करने के लिए जातीय जनजातीय क्षेत्रों के लिए तीन स्वायत्त जिला परिषदों के चुनाव भी आयोजित करती है। ये तीन परिषदें हैं चक्मा स्वायत्त जिला परिषद, लाइ स्वायत्त जिला परिषद, और मारा स्वायत्त जिला परिषद।

राज्य की जनसंख्या के आधार पर भारतीय संसद द्वारा राज्यों को सीट आंवटित की जाती है। संसद में सीटों की संख्या और राज्य की जनसंख्या का अनुपात देश के सभी राज्यों के लिए समान है। जैसा कि मिजोरम की आबादी देश में सबसे कम है इसलिए राज्य का प्रतिनिधित्व लोकसभा के एक सदस्य और राज्य सभा के एक सदस्य द्वारा किया जाता है। वर्तमान राज्यसभा सांसद श्री रोनाल्ड सपा लाउ हैं। लोकसभा सांसद, कांग्रेस के श्री सी.एल. रुआला हैं। मिजोरम लोकसभा संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है।

कांग्रेस ने 2013 के मिजोरम विधानसभा चुनावों को भारी बहुमत से जीता। कांग्रेस ने मिजो नेशनल फ्रंट, मिजोरम पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, साथ ही जेडएनपी को हराकर चुनाव में 40 सीटों में से 34 सीट हासिल करके पूर्ण बहुमत से जीता है। 2008 के विधानसभा चुनावों में तीन सीटों की तुलना में प्रतिद्वंद्वी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट को 5 सीटें मिलीं: तुइकम, साहा, आइजोल वेस्ट-I, ऐजोल वेस्ट – II, ऐजोल वेस्ट-III।

मिजोरम के मुख्यमंत्री पु ललथनहवला दूसरी बार राज्य की सेवा के लिए इच्छुक थे। वह सेरछिप और ह्रंग्तुर्जो दो सीटों से जीते थे। अगले विधानसभा चुनाव दिसंबर 2018 के आसपास अस्थायी रूप से निर्धारित किए जाने वाले हैं।

मिजोरम के मुख्यमंत्री पु ललथनहवला दूसरी बार राज्य की सेवा के लिए इच्छुक थे। वह सेरछिप और ह्रंग्तुर्जो दो सीटों से जीते थे।

मुख्य राजनीतिक दल

आम चुनावों की चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए, उम्मीदवारों को निर्वाचन आयोग में नामांकन दर्ज करवाने की आवश्यकता होती है। चुनावों में पार्टियों द्वारा प्रचार के लिए सरकारी निधियों का उपयोग करने पर रोक लगा दी गई है। चुनावों के दौरान कोई नई परियोजना शुरू करने के लिए सरकार भी निषिद्ध है। सभी नामांकन दाखिल होने के बाद, एक सूची प्रकाशित की जाती है जिसमें सभी उम्मीदवारों के नाम होते हैं। चुनाव प्रक्रिया दिन में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे के बीच चलती रहती है। उस क्षेत्र का जिलाधीश मतदान प्रभारी होता है। अब मतपत्र-पेटियों के स्थान पर ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का उपयोग किया जाता है।

पिछले चुनाव - विवरण और आंकड़े

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
भारतीय जनता पार्टी
जनता दल
मिजो नेशनल फ्रंट
मिजो पीपुल्स कॉन्फ्रेंस
मिजो संघ
मिजोरम राष्ट्रवादी पार्टी
मारालैंड डेमोक्रेटिक फ्रंट



मिजोरम में निर्वाचन क्षेत्र

राज्य में 40 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें से 39 अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं। राज्य के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में हाशेक, दम्पा, ममित, तुइरियल, कोलासिब, सेर्लूई, तावी, आइजोल नॉर्थ- I, आइजोल नॉर्थ -II, आइजोल नॉर्थ -III, आइजोल ईस्ट- I, आइजोल पूर्व - II, आइजोल वेस्ट- II, आइजोल वेस्ट- I, आइजोल वेस्ट-III, आइजोल साउथ -1, आइजोल साउथ- II, आइजोल साउथ-III, लेंग्तेंग, तुइचावंग, चम्फाई उत्तर, चम्पाई दक्षिण, सेरछिप, लुंगलेई उत्तर, लुंगलेई दक्षिण, थोरांग, सइहा और पालक हैं।

राज्य की विधायी विधानसभा

अंतिम विधानसभा चुनाव दिसंबर 2008 में आयोजित किए गए थे। मतदाताओं की संख्या 6,11,124 लाख थी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने 40 विधानसभा सीटों में से 34 सीटें जीतीं। मिजो नेशनल फ्रंट ने 5 सीटें और अन्य ने 1 सीट जीती। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) के पास पूर्ण बहुमत था और सरकार का गठन किया गया।

वर्तमान मुख्यमंत्री और सदन के नेता पु ललथनहवला है। इन्होंने 11 दिसंबर 2008 से मुख्यमंत्री के पद को सभाला हैं। राज्य विधायी विधानसभा के स्पीकर श्री हिफेई हैं। उप सभापति श्री आर. लारीनावाम हैं। राज्य के राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन हैं।

मिजोरम राज्य विधानसभा देश में पहली ऐसी विधानसभा है जिसने स्थानीय टेलीविजन चैनलों के माध्यम से सदन के सत्रों की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया।

राज्य विधानसभा चुनाव का इतिहास

राज्य में राष्ट्रपति शासन दो बार लगा था, पहली बार 1977 में और दूसरी बार सितंबर 1988 से जनवरी 1989 तक था।

मिजोरम में मुख्यमंत्रियों की सूची

क्रम संख्यामुख्यमंत्रीसेतकदल का नाम
1पु ललथनहवला11 दिसंबर, 2008वर्तमान समय तकआईएनसी
2पु ज़ोरामथंगा3 दिसंबर, 199811 दिसंबर, 2008एमएनएफ
3पु ललथनहवला24 जनवरी,19893 दिसंबर,1998आईएनसी
4राष्ट्रपति शासन7 सितंबर, 198824 जनवरी, 1989 
5पु लालडेंगा21 अगस्त, 19867 सितंबर, 1988एमएनएफ
6पु ललथनहवला5 मई, 198420 अगस्त, 1986आईएनसी
7थेनफुन्गा सैलो8 मई, 19794 मई, 1984एमपीसी
8राष्ट्रपति शासन10 नवंबर, 19788 मई, 1979 
9थेनफुन्गा सैलो2 जून, 197810 नवंबर, 1978एमपीसी
10राष्ट्रपति शासन11 मई, 19771 जून, 1978 
11सीएच. छूंगा3 मई, 197210 मई, 1977मिजो संघ


मिजोरम में गवर्नर्स की राज्यपालों सूची

क्रम संख्याराज्यपाल का नामसेतक
1कुम्मनम राजशेखरन29 मई, 2018वर्तमान समय तक
2निर्भय शर्मा26 मई, 201528 मई, 2018
3केसरी नाथ त्रिपाठी28 मार्च, 201513 मई, 2015
4अज़ीज़ क़ुरैशी9 जनवरी, 201528 मार्च, 2015
5के. शंकरनारायणन24 अगस्त, 20149 जनवरी, 2015
6श्री विनोद कुमार दुग्गल8 अगस्त, 201424 अगस्त, 2014
7कमला बेनीवाल6 जुलाई, 20148 अगस्त, 2014
8श्री वक्कम पुरूषोत्तमन26 अगस्त, 20116 जुलाई, 2014
9लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. लखेरा25 जुलाई, 200625 अगस्त, 2011
10एमोलक रतन कोहली18 मई, 200124 जुलाई, 2006
11वेद मारवाह (अतिरिक्त प्रभार)1 दिसंबर, 200017 मई, 2001
12ए. पैडमानाभान2 मई, 199830 नवंबर, 2000
13डॉ ए.पी. मुखर्जी2 9 जनवरी, 19981 मई, 1998
14पी.आर. कंडियाह10 फरवरी, 199328 जनवरी, 1998
15स्वराज कौशल8 फरवरी, 19909 फरवरी, 1993
16कैप्टन डब्ल्यू.ए. संगमा21 जुलाई 19897 फरवरी, 1990
17जनरल के. वी. कृष्ण राव (अतिरिक्त प्रभार)1 मई 198920 जुलाई 1989
18हितेश्वर सैकिया20 फरवरी, 198730 अप्रैल, 1989
19एच.सैकिया11 दिसंबर, 198619 फरवरी, 1987
20एच.एस. दुबे10 अगस्त, 198310 दिसंबर, 1986
21एस.एन. कोहली16 अप्रैल, 19819 अगस्त, 1983
22एन.पी. माथुर27 सितंबर, 197715 अप्रैल, 1981
23एस.के. चिब्बर13 जून, 197426 सितंबर, 1977
24एस.पी. मुखर्जी24 अप्रैल, 197212 जून, 1974


मिजोरम के कैबिनेट मंत्री

मंत्रालयमंत्रियों के नाम
मुख्यमंत्री, राजनीतिक और कैबिनेट, सतर्कता, सामान्य प्रशासन विभाग, सचिवालय प्रशासन, कर्मचारी वर्ग और प्रशासनिक, सुधार सूचना और सार्वजनिक संबंध, लोक निर्माण कार्य, ऊर्जा और विद्युत, जिला परिषद मामलेपु ललथनहवला
गृह (जेल और सैनिक कल्याण पुनर्वास सहित), कृषि, ग्रामीण विकास, उत्पाद शुल्क और मादक द्रव्य आर. लालजर्लियाना
उच्चतर एवं तकनीकी शिक्षा, कला और संस्कृति, भूमि राजस्व और निपटान, संसदीय मामलेंआर. रोमाविअ
वित्त, योजना और कार्यक्रम कार्यान्वयन, कर लगाना, कानून और न्यायिकललसावता
स्कूली शिक्षा, खनन और खनिज संसाधन निदेशालय, व्यापार और वाणिज्य सहित उद्योगएच. रोहलुना
शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन, खेल और युवा सेवाएं, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकीजोडीनितुगां
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, परिवहन, पर्यटनजॉन रोतुलागांना
बागवानी, स्थानीय प्रशासन विभाग, सामाज कल्याणपी.सी. ललथानलियाना
राज्य मंत्री, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, लघु सिंचाई, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी। (वह पीडब्ल्यूडी और पी एंड ई विभाग में मुख्यमंत्री की सहायता करेंगे)लाल थानजारा
राज्य मंत्री, पर्यावरण और वन, सहयोग, श्रम, रोजगार और औद्योगिक प्रशिक्षण, मृदा एवं जल संरक्षण ललरिनामानिया राल्ते
राज्य मंत्री, पशुपालन और पशु चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और पुनर्वास, मुद्रण और स्टेशनरीसी. नगनलिनाचुगां
राज्य मंत्री, रेशम उत्पादन, मत्स्यपालनडॉ बी.डी. चकमा


मिजोरम से राज्यसभा सदस्य

नामपार्टीअवधि
श्री लालहमिंग लिआनामिजो नेशनल फ्रंट19/07/2008 से 18/07/2014 तक
Last Updated on October 22, 2018