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भारत में चुनावों का महत्व


चुनाव नवीनतम समाचार और अपडेट

अमित शाह से मिलीं अनुप्रिया पटेल, क्या भाजपा और अपना दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव?

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा एनडीए के सहयोगी दलों को लगातार मनाने में जुटी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एनडीए से नाराज चल रहे सहयोगी दलों को मनाकर साथ आगे पढ़ें…

In Punjab, BJP and Akali Dal together, Seat sharing confirm पंजाब में भाजपा और अकाली दल एक साथ, सीटों का बंटवारा तय

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा एनडीए के सहयोगियों को मनाने की कोशिश में जुटी हुई है। पहले भाजपा ने महाराष्ट्र में शिवसेना और तमिलनाडु में AIADMK के साथ गठबंधन आगे पढ़ें…

The attack of the opposition on BJP's program, Politics in a war-like situation भाजपा के कार्यक्रम पर विपक्ष का निशाना, युद्ध जैसी स्थिति में कर रही राजनीति

भारत-पाक में चल रहे तनाव के बीच लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों के मद्देनजर भाजपा का महासंवाद कार्यक्रम चल रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो एप के जरिए देश भर आगे पढ़ें…

Bathinda, the way for Harsimrat Kaur will not be as easy as 2014 this time बठिंडा लोकसभा सीट: इस बार 2014 की तरह आसान नहीं होगी हरसिमरत कौर की राह

लोकसभा चुनाव 2019 में पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट पर इस बार कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। 2014 में अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने यहां से आगे पढ़ें…

Yeddyurappa said BJP will win 22 Lok Sabha seats in Karnataka येदियुरप्पा को भरोसा, एयर स्ट्राइक से भाजपा कर्नाटक में जीतेगी 22 सीटें

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मंगलवार को भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक में भाजपा को सियासी फायदा नजर आ रहा है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश आगे पढ़ें…

Today PM Modi will talk to 1 crore people through Namo Aap आज पीएम मोदी नमो एप के जरिए 1 करोड़ लोगों से करेंगे संवाद

लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों और भारत पाक के बीच चल रहे तनाव के बीच आज भाजपा का महासंवाद कार्यक्रम होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो एप के जरिए देश आगे पढ़ें…



चुनाव दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र, भारत का आधार बनाते हैं। आजादी के बाद से अब तक चुनाव के माध्यम से अधिकतम 15 लोकसभाओं का गठन किया गया है। सबसे पहली लोकसभा का गठन 1951-52 में किया गया था। चुनाव की कार्यप्रणाली का आयोजन सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से किया जाता है, जिसके द्वारा संविधान की नजर में 18 वर्ष से अधिक आयु का हर भारतीय नागरिक एक योग्य मतदाता होता है।

भारत और भारत के समान किसी भी लोकतंत्र के लिए चुनावों का महत्व निम्नानुसार है-

नेतृत्व का चयन:

चुनाव, भारतीय नागरिकों को अपने नेताओं का चयन करने का एक तरीका प्रदान करते हैं। वे यह कार्य उस उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में अपना मतदान करके करते हैं, जिनके विचार उन्हें उत्तम लगते है। यह सुनिश्चित करता है कि निर्वाचित उम्मीदवारों में लोगों की इच्छा परिलक्षित होती है।

नेतृत्व में परिवर्तन:

भारत में चुनाव जनता के लिए एक सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करने का मंच भी है। अन्य पार्टियों को मतदान करके और एक अलग सरकार का चुनाव करने में मदद करके नागरिक यह दर्शाते हैं कि उन्हें मौलिक अधिकार प्राप्त है।

राजनीतिक भागीदारी:

चुनाव सार्वजनिक रूप से उठाए जाने वाले नए मुद्दों के लिए दरवाजा खोलते हैं। यदि कोई भारतीय नागरिक ऐसे सुधार करना चाहता है, जो किसी भी पार्टी का एजेंडा नहीं हैं, तो वह स्वतंत्र रूप से या एक नई राजनीतिक पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है।

स्व-सुधारात्मक प्रणाली:

चूँकि चुनाव नियमित रुप से होने वाली प्रक्रियाएं हैं, जो भारत में हर पाँच साल में आयोजित होती हैं, सत्तारूढ़ पार्टियों कीजाँच-पड़ताल की जाती है और जनता की मांगों पर विचार किया जाता है। यह एक स्व-सुधार प्रणाली के रूप में कार्य करता है जिसके माध्यम से राजनीतिक दल अपने प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं और मतदाताओं को खुश करने की कोशिश करते हैं।

28 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तृत 1.2 अरब से अधिक आबादी (2011 की जनगणना के अनुसार) वाले भारत में चुनावों की एक प्रणाली है जो चुनौतीपूर्ण और प्रशंसनीय दोनों है।

भारतीय चुनावों के बारे में अज्ञात तथ्य

1. मैसूर पेंट्स एंड वार्निशेज प्राइवेट लिमिटेड एकमात्र अधिकृत कंपनी है जो मतदान के बाद उंगली को चिह्नित करने के लिए उपयोग की जाने वाली अमिट स्याही बनाती है।

2. इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनें 10,000 टन कागज की बचत करती हैं।

3. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को चलाने के लिए 6-वोल्ट की क्षारीय बैटरी का उपयोग किया जाता है, इसका उपयोग उन क्षेत्रों में भी किया जा सकता है जिनमें बिजली कनेक्शन नहीं है।

4. दिल्ली चुनाव 2015 में ऐसा दूसरी बार हुआ था जब कांग्रेस ने एक भी सीट नहीं जीती थी। इससे पहले कांग्रेस को उत्तर प्रदेश राज्य में 1988 में इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था।

5. हैदराबाद में मलकाजगिरी विधानसभा में सबसे ज्यादा मतदाता हैं, जिनकी संख्या 30 लाख है।
Last Updated on September 25, 2018