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भारत में नगर निगम


चुनाव नवीनतम समाचार और अपडेट

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The candidates were announced for Bastar, Kanker, Raigarh, Durg, Surguja, and Janjgir Champa. The last of these six seats — an SC reserved seat — is where the BSP is आगे पढ़ें…

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा एनडीए के सहयोगी दलों को लगातार मनाने में जुटी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एनडीए से नाराज चल रहे सहयोगी दलों को मनाकर साथ आगे पढ़ें…

In Punjab, BJP and Akali Dal together, Seat sharing confirm पंजाब में भाजपा और अकाली दल एक साथ, सीटों का बंटवारा तय

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा एनडीए के सहयोगियों को मनाने की कोशिश में जुटी हुई है। पहले भाजपा ने महाराष्ट्र में शिवसेना और तमिलनाडु में AIADMK के साथ गठबंधन आगे पढ़ें…

The attack of the opposition on BJP's program, Politics in a war-like situation भाजपा के कार्यक्रम पर विपक्ष का निशाना, युद्ध जैसी स्थिति में कर रही राजनीति

भारत-पाक में चल रहे तनाव के बीच लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों के मद्देनजर भाजपा का महासंवाद कार्यक्रम चल रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो एप के जरिए देश भर आगे पढ़ें…

Bathinda, the way for Harsimrat Kaur will not be as easy as 2014 this time बठिंडा लोकसभा सीट: इस बार 2014 की तरह आसान नहीं होगी हरसिमरत कौर की राह

लोकसभा चुनाव 2019 में पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट पर इस बार कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। 2014 में अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने यहां से आगे पढ़ें…

Yeddyurappa said BJP will win 22 Lok Sabha seats in Karnataka येदियुरप्पा को भरोसा, एयर स्ट्राइक से भाजपा कर्नाटक में जीतेगी 22 सीटें

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर मंगलवार को भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक में भाजपा को सियासी फायदा नजर आ रहा है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश आगे पढ़ें…



भारत में नगर निगम के विषय में

शहरी स्थानीय सरकार जो दस लाख से अधिक आबादी वाली महानगर के विकास के लिए कार्य करती है उसे भारत के नगर निगम के रूप में जाना जाता है। नगर निगम के सदस्य सीधे लोगों द्वारा चुने जाते हैं, इन्हें सभासद कहा जाता है।
are called Councillors.

नगर निगम के सदस्य कौन हैं

नगर निगम में एक समिति बनी होती है जिस समिति में सभासद के साथ-साथ एक नगर अध्यक्ष भी होता है। नगर निगमों का गठन पंचायती राज व्यवस्था के निगम अधिनियम,1835 के तहत किया जाता है जो शहरों को आवश्यक सामुदायिक सेवाएं प्रदान करते हैं। नगर अध्यक्ष नगर निगम का प्रमुख होता है। निगम प्रभारी नगर आयुक्त के अधीन होता है। निगम के विकास की योजना बनाने से संबंधित कार्यक्रमों की निगरानी और कार्यान्वयन करने का कार्य नगर अध्यक्ष और सभासद के साथ-साथ कार्यकारी अधिकारी का भी होता है। सभासदों की संख्या भी शहर के क्षेत्र और आबादी की संख्या पर निर्भर करती है। सबसे बड़े निगम भारत के, चार मेट्रोपॉलिटन शहरः दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई हैं।

नगर निगम चुनाव कौन आयोजित करता है

नगर निगमों का चुनाव राज्य चुनाव आयोग के मार्गदर्शन, नेतृत्व, अधीक्षण और नियंत्रण के तहत आयोजित किए जाते हैं। निगम, राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, इसलिए नगरपालिका समिति के चुनाव का कोई समान प्रावधान नहीं है। कुछ राज्यों में, इन चुनावों का आयोजन राज्य की सरकारों द्वारा किए जाता हैं, जबकि कुछ राज्यों में कार्यकारी अधिकारी द्वारा किए जाते हैं।

नगर निगम के चुनाव कैसे आयोजित किए जाते हैं?

नगर निगम के सदस्यों का निर्वाचित प्रत्यक्ष रूप से लोगों द्वारा किए गए मतदान के माध्यम से किया जाता है। ये चुनाव शहर के एक विशेष वार्ड में आयोजित किए जाते है। अपने वार्ड के लिए प्रतिनिधि या सभासद का चुनाव एक निजी वार्ड की निर्वाचक नामावली के द्वारा किया जाता है। प्रत्येक वार्ड में निर्वाचक नामावली वार्ड के क्षेत्र के आधार पर एक या कई हिस्सों में विभाजित है जिसके प्रत्येक भाग में मतदाता रहते हैं। इसका मतलब है कि प्रत्येक भाग में शामिल मतदाता सड़क या मोहल्ले या उस वार्ड के भीतर एक नामित क्षेत्र से संबंधित हैं। सभी हिस्सों के मतदाता एक साथ विशेष वार्ड के चुनावी तालिका बनाते हैं।


नगर निगम चुनाव को लड़ने के लिए योग्यता

एक व्यक्ति नगर निगम के लिए चुनाव लड़ सकता है यदि वह निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करें:
  • वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • उसकी उम्र 21 साल की हो चुकी हो।
  • उसका नाम वार्ड की निर्वाचक नामावली में पंजीकृत हो।
  • नगर निगम के चुनाव को लड़ने के लिए उसे पहले कभी भी अयोग्य घोषित नहीं किया गया हो।
  • वह भारत में किसी भी नगर निगम का कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
नगर निगम की कुछ ऐसी भी सीटें हैं जो अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रत्येक उम्मीदवार के नामांकन फॉर्म में, श्रेणी, जाति या जनजाति जिससे वह संबंधित हो, के विवरण की जानकारी को भरा जाना भी अनिवार्य है। यदि सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है तो उम्मीदवार के महिला होने का घोषणापत्र दिया जाना चाहिए।

नगर निगम का कार्यकाल

नगर निगम का कार्यालय अपनी पहली बैठक की शुरुआत से पांच साल की अवधि चलता है। नीचे दी गई ये कुछ परिस्थितियां इसके विघटित होने का विषय है:
  • यदि राज्य को निगम के कर्तव्यों में लापरवाही प्रतीत होती है।
  • यदि राज्य को ऐसा लगता है कि निगम अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है।
  • राज्य में नगरपालिका चुनाव रद्द करने या नगर निगम के संचालन से वार्ड के पूरे क्षेत्र को वापस लेने की घोषणा।

नगर निगम के कार्य

नगर निगम उस जिले / क्षेत्र के लोगों को जो आवश्यक सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी लेता है वे सेवाएं निम्न लिखित हैं:
  • अस्पताल
  • जलापूर्ति
  • जलनिकास
  • बाजार के लिए स्थान
  • फायर ब्रिगेड्स
  • सड़कें
  • ओवर बिज्र
  • ठोस अपशिष्ट
  • सड़को पर की बिजली की व्यवस्था
  • पार्क
  • शिक्षा
  • क्षेत्र के जन्म और मृत्यु होने वाले व्यक्तियों का विवरण

एक सभासद की भूमिका और कर्तव्य

नगर निगमों के तहत सभासदों को निम्नलिखित कर्तव्यों का पालन करना पड़ता हैं:
  • पूरी तरह से नगर पालिका के कल्याण और हितों के लिए कार्य करना
  • परिषद की बैठकों, परिषद समिति की बैठकों और अन्य संबंधित निकायों की बैठकें में भाग लेना।
  • नगर पालिका के कार्यक्रमों और नीतियों के विकास और मूल्यांकन में भाग लेना।
  • निजी तौर पर चर्चा किए गए मामलों को परिषद की बैठकों में आत्मविश्वास के साथ रखने में सक्षम होना।
  • नगर पालिका के संचालन और प्रशासन के बारे में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से समस्त जानकारी प्राप्त करना।
  • कुछ अन्य इन्हीं कर्तव्यों के समान या आवश्यक कर्तव्यों को करना।
Last Updated on October 18, 2018