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अनुछेन्द 35-ए संविधान का वो अदृश्य हिस्सा, जो छीन रहा है लाखों कश्मीरियों का मानवाधिकार
Article 35-A is the invisible part of the constitution, which is stripping the human rights of millions of Kashmiris

ऐसा लगता है कि धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर का अभी तक भारत में पूरी तरह से विलय ही नहीं हुआ। यह देश के बाकी राज्यों की तरह नहीं है। अनुच्छेद 35-ए ‘इन्स्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन’ का पालन करता है और इस बात की गारंटी देता है कि जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता बाधित नहीं की जाएगी। फिलहाल जम्मू कश्मीर में लागू अनुछेन्द 35-ए का समाधान तो अभी नजर नहीं आ रहा है लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति अपने चरम पर है। दिलचस्प बात तो यह है कि इस मुद्दे पर वो नेता बोलते हैं जिनको ये तक […]Read more

पीएम मोदी के विकास मॉडल पर कितना आगे बढ़ा भारत?
How much India is ahead on PM Modi's development model?

नरेन्द्र मोदी, भारतीय राजनीति का एक ऐसा नाम, जो इस समय देश के बच्चे-बच्चे की जुबान पर है। 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के सामने कोई भी पार्टी टिक नहीं पाई। कांग्रेस विरोधी लहर के खिलाफ ‘मोदी लहर’ के विजय रथ पर सवार 63 वर्षीय गुजरात के मुख्यमंत्री ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिलाने के साथ ही पूरे भारत में अपनी उपस्थिति का अहसास कराया, जो पहले कभी नहीं देखा गया। 1984 के बाद के 30 वर्षों में भाजपा ऐसी पहली पार्टी बनी जिसने अपने दम पर बहुमत हासिल किया है। अब मोदी सरकार का […]Read more

क्या यूपी में बसपा से गठबंधन, सपा के लिए साबित होगा घाटे का सौदा?
up alliance seat sharing advantage to mayawati, Loss to Sp

लोकसभा चुनाव 2019 की सियासी लड़ाई दिन प्रतिदिन रोचक होती जा रही है। यूपी में भाजपा को रोकने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी की। हम इस गठबंधन को एक अवसरवादी गठबंधन भी कह सकते है क्योकि 2019 का महागठबंधन किसी भी प्रकार के लोक कल्यणाकारी कार्य या विकास के लिए नहीं है बल्कि मोदी को रोकने के लिये सियासत का महायोग है। आपको बता दें कि कभी एक दूसरे की साथी रहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने करीब 25 साल बाद एक बार फिर साथ आने का ऐतिहासिक […]Read more

तमिलनाडु में एआईडीएमके के साथ गठबंधन करके कितनी मजबूत हुई भाजपा?
How strong became BJP after ally with AIDMK in Tamil Nadu

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भाजपा अपने कुनबे को सहेज कर रखने के अलावा और भी कई नए सहयोगियों को जोड़ने में जुटी हुई है। इसका एक ताजा उदाहरण है तमिलनाडु में भाजपा का एआईडीएमके के साथ गठबंधन। तमिलनाडु दक्षिण भारत का एक अहम राज्य है, 39 लोकसभा सीटों वाला यह राज्य दिल्ली की सियासत में भी अहम भूमिका निभाता है। भाजपा इस बात को अच्छी तरह से जानती है कि दक्षिण भारत में पैर जमाने के लिए उसे वहां की किसी मजबूत पार्टी से गठबंधन करना बहुत ही जरूरी था। तमिलनाडु में 2019 की सियासी लड़ाई […]Read more

उरी, पठानकोट और पुलवामा आतंकी हमला, आखिर कब तक सहेगा देश?
Uri, Pathankot and Pulwama, How long will the country bear

पुलवामा आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवानों की शहादत से पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। सवा सौ करोड़ देशवासियों के दिल में इस समय सिर्फ एक ही आवाज उठ रही है कि बस अब और नही सरकार इस हमले का मुहतोड़ जवाब दे। पुलवामा में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। ये संगठन पाकिस्तान की जमीन से अपनी गतिविधियों को संचालित करता है। ऐसे में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करते हुए उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। आत्मघाती […]Read more

प्रियंका गांधी के आने से यूपी में किसे होगा ज्यादा नुकसान, महागठबंधन या भाजपा?
Lok sabha election 2019

  लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में दस्तक ने यूपी के सियासी समीकरण को एक बार फिर से उलझा दिया है। यूपी में अब तक भाजपा और सपा–बसपा गठबंधन के बीच सीधी टक्कर को प्रियंका गांधी की एंट्री ने त्रिकोणीय बना दिया है। प्रियंका गांधी की राजनीतिक एंट्री के बाद से अब हर कोई यही सवाल कर रहा है कि क्या एक मजबूत दावेदारी पेश करने का दावा करने वाली कांग्रेस से भाजपा को फायदा मिलेगा? क्या कांग्रेस के इस कदम से मायावती को नुकसान होगा? अगर कुछ सियासी समीकरणों पर नजर […]Read more

क्या कांग्रेस के लिए मुसीबत बन सकते हैं रॉबर्ट वाड्रा?
Robert vadra

  लोकसभा चुनाव होने में अब लगभग दो महीने का समय ही शेष बचा है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। कल तक जो कांग्रेस राफेल को लेकर भाजपा पर भष्टाचार का आरोप लगा रही थी। अब वही भाजपा रॉबर्ट वाड्रा को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। इसका मुख्य कारण है औपचारिक तौर पर प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री और उनका कांग्रेस महासचिव बनाया जाना। हालांकि भाजपा सीधे तौर पर प्रियंका गांधी पर हमला बोलने से बच रही है। मौजूदा समय में भाजपा अपने राजनीतिक फायदे के […]Read more

लोकसभा चुनाव में कितनी सफल साबित होगी पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की रणनीति?
PM Modi

  लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पूरे देश में एक सियासी माहौल बना हुआ है। वैसे तो देश के हर छोटे-बड़े राज्य की राजनीति में कई बनते बिगड़ते समीकरण नजर आ रहे हैं लेकिन मौजूदा समय में जो राज्य सबसे खास नजर आता है वो है पश्चिम बंगाल। वैसे तो सभी की नजरें लोकसभा की सबसे ज्यादा 80 सीटों वाले राज्य यूपी पर टिकी हैं लेकिन बीते कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल की सियासत भी अपने चरम पर है। ये लड़ाई कोई एक-दो सीटों की नहीं है बल्कि पूरी सत्ता पाने की है। इस लड़ाई में एक तरफ […]Read more

प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की आखिरी उम्मीद!
Priyanaka Gandhi

  लोकसभा चुनाव आने से ठीक पहले प्रियंका गांधी की भारतीय राजनीति में एंट्री से एक उबाल सा आ गया है। वैसे तो प्रियंका गांधी भारतीय राजनीति का ऐसा नाम जो किसी परिचय का मोहताज नहीं। लेकिन उनके भाई और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका को कांग्रेस का महासचिव नियुक्त करके सियासत में एक नई पहचान देने का काम किया है। इतना ही नहीं भाई ने अपनी लाडली बहन को लोकसभा की 80 सीटों वाली यूपी की कमान भी सौंपी है ये वो यूपी है जो किसी भी राजनीतिक पार्टी को दिल्ली की सत्ता तक पहुंचाने […]Read more

ममता बनर्जी बनाम केन्द्र, सियासत के लिए दांव पर लोकतंत्र
Mamata versus Center

जब राज्य की मुखिया ही लोकतन्त्र को दांव पर रखकर सड़क पर प्रर्दशन करने लगे तो वहां की जनता क्या करेगी? आजकल पश्चिम बंगाल के सियासी पैतरे हर मिनट में बदलते हुए नजर आ रहे है। मौजूदा समय में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार आमने-सामने है। कारण चाहे कुछ भी लेकिन देश में जिन नेताओं के ऊपर संविधान की रक्षा और लोकतंन्र को बचाने की जिम्मेदारी हो वही सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे वो भी एक ऐसे व्यक्ति के लिए जो भष्टाचार का आरोपी हो, तो हमारा […]Read more