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एग्जिट पोल / ओपिनियन पोल लोकसभा चुनाव 2019





चुनाव नवीनतम समाचार

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चुनाव नवीनतम समाचार और अपडेट

लोकसभा चुनाव 2019 रिजल्ट्स लाइव अपडेट

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बंगाल में लोकतंत्र की मर्यादा ताक पर, लगातार हिंसक हो रहा माहौल

पश्चिम बंगाल आजकल एक लोकतंत्र होने की पहचान बनने में असमर्थ है। यहाँ चल रही चुनावी सरगर्मी के बीच केन्द्रीय बलों की 713 कम्पनियाँ और कुल 71 हजार सुरक्षा कर्मियों आगे पढ़ें…

लोकसभा चुनाव 2019 एग्जिट पोल

ताजा एग्जिट पोल की तलाश है? विभिन्न समाचार चैनलों के एग्जिट पोल की तुलना करना चाहते हैं? एग्जिट पोल/ ओपिनियन पोल की ताजा अपडेट के लिए Elections.in से जुड़े रहें।

तारीख - 19 मई 2019 - शाम 6 बजे ओपिनियन पोल मतदाताओं की भावनाओं का प्रतिबिंब होते हैं और विभिन्न एजेंसियां विभिन्न तरीकों और सैंपल साइज़ का उपयोग करके ओपिनियन पोल के परिणामों पर काम कर रही हैं। Elections.in विभिन्न मीडिया चैनलों का विश्लेषण करने के बाद एक निष्पक्ष ओपिनियन पोल / एक्जिट पोल प्रदान करता है।

नीचे अप्रैल 2019 में किया गया टाइम्स नाऊ का नवीनतम ओपिनियन पोल है।

Elections.in लोकसभा चुनाव पर नवीनतम जानकारी लाएगा।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान भिन्न भिन्न तरीके से मतदान क्यों करेंगे -चिंतामणि शास्त्री

परिणाम इस प्रकार हैं:

राज्यकुलभाजपाकांग्रेसटीआरएसअन्य
राजस्थान20038141-21
मध्य प्रदेश23013380-17 (बसपा-7)
छत्तीसगढ़905525-10
तेलंगाना119322877


राजस्थान

राजस्थान में भाजपा के हारने की बस एक ही वजह है - वसुंधरा राजे। आधुनिक समय में खुले भ्रष्टाचार और बेजोड़ रवैये में लिप्त उनके शासन रिकॉर्ड से तो बस एक ही बात जाहिर होती है कि राजे का विरोध करते हुए लोगों के दिलों में मोदी के लिए जो गहरी नफरत भर गई है उसको दूर करने का अब कोई रास्ता नहीं बचा है। भाजपा के इतिहास में कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि मतदाताओं के हर समूह ने इसका विरोध किया हो, जैसा कि इस बार हो रहा है। प्रतिक्रिया देने वाली लगभग सभी इकाइयों ने यहीं नतीजा निकाला है, लेकिन मोदी और शाह ने इसको नजरअंदाज करना ही सही समझा है। शायद उनके पास महरानी के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठा पाने की हिम्मत नहीं थी। जिस बजह से वह जो होगा उसका परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं।

कोई यह भी कह सकता है कि वे जान सकते थे कि ऐसा होने वाला है लेकिन इस पर कुछ कर नहीं सकते, जैसा कि पंजाब में हुआ था। इसलिए, चुनावों के बाद दोष लगाने का खेल खेलना और इसको नजरअंदाज करना ही सबसे अच्छा विकल्प है।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में फिर से भाजपा की ही सरकार बनेगी और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भाजपा को राजस्थान में नकार दिया गया है। शिवराज सिंह की सुदृढ़ता और लोगों तक पहुँच ने मध्य प्रदेश में 15 साल के सत्ता विरोध को समाप्त कर दिया है। यहाँ पर भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस की अयोग्यता इसकी एक और वजह है। कांग्रेस के तीनों दिग्गज एक दूसरे को मात देने के बारे में सोंच रहे हैं।

बसपा चंबल और बुंदेलखंड में कांग्रेस को नुकसान पहुँचायेगी। सरकार की सापेक्ष अक्षमता और हिन्दुओं के भीतरी मुद्दों को भाजपा द्वारा नजरअंदाज किए जाने को लेकर भाजपा के भीतरी समूह में व्याप्त निराशा के बावजूद, मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह की लोकप्रियता से भाजपा की जीत होगी।

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बहुत ही करीबी टक्कर चल रही है। हालांकि, बीएसपी-जोगी का गठबंधन कांग्रेस को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। 15 वर्षों में पहली बार, जोगी-बीएसपी गठबंधन के कारण, दो पार्टियों के बीच मतदान प्रतिशत का अंतर 5% तक बढ़ने की संभावना है। यहाँ 15 साल सत्ता में रहने के बावजूद रमन सिंह लोकप्रिय हैं। शिवराज सिंह चौहान की तरह, रमन सिंह भी सख्त प्रशासन में कुशल हैं। जो उनके लिए सत्ता विरोधी लहर से निपटना संभव बनाता है। कांग्रेस की कमजोरी उसका स्थानीय नेतृत्व है, जो कांग्रेस को अपने प्रतिद्वंदियो के सामने एक कठिन चुनौती बनने में मुश्किलें पैदा कर रहा है।

एग्जिट पोल

एग्जिट पोल मतदान होने के ठीक बाद किया जाता है। जिन लोगों ने मतदान किया होता है उनसे सभी से उनके मतदान के बारे में पूछा जाता है। एग्जिट पोल चुनाव के परिणामों का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।

जनमत सर्वेक्षण

जनमत सर्वेक्षण चुनाव परिणामों का पूर्वानुमान लगाने का एक तरीका है। लोगों के एक समूह को नमूने के रूप में लिया जाता है और फिर सर्वेक्षण किया जाता है कि वे किस राजनीतिक दल को वोट देंगे। यह वास्तविक मतदान वाले दिन से कुछ दिन पहले किया जाता है।

विभिन्न राज्यों में जनमत सर्वेक्षण की एक सूची निम्नानुसार है:

कर्नाटक

टीवी 9 कन्नड़-सी-मतदाता एग्जिट पोल
पार्टीसीटें
कांग्रेस102
भाजपा96
जेडी (एस)25
Last Updated on May 18, 2019